श्रीमद्भागवत का जन्म

By ISKCON Bhagavata Mahavidyalaya

Certificate Course

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Course Duration

16 hours 

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8

No. Of Sessions

8

Sessions per week

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Language
Hindi

Eligibility

Anyone 

Schedule of Classes

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Starts on
-

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About the Teacher

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ISKCON Bhagavata Mahavidyalaya

ISKCON Bhagavat Mahavidyalaya aims to provide a facility for its members to study, practice, and disseminate the teachings of Srimad Bhagavatam, along with the writings of the Gaudiya Vaisnava acaryas and the branches of Vedic philosophy, culture, music and science in the context of Srila Prabhupada’s teachings. ISKCON Bhagavata Mahavidyalaya is located in Sri Govardhan dhama to systematically propagate the teachings of Śrīmad-Bhāgavatam and Caitanya-caritāmṛta to the society at large.

To accomplish the above mission, ISKCON Bhagavata Mahavidyalaya will facilitate philosophical training for adult residential and non-residential students through the traditional Vedic educational methods. ISKCON Bhagavat Mahavidyalaya has been inspired by the service and efforts of His Grace Gopiparanadhana Prabhu and His Holiness Gaur Krishna Gosvami Maharaja. Their dedication toward the study and the dissemination of the teachings of Srimad Bhagavatam is the torchlight guiding us forward to serve this mission.

Course Overview

पाठ्यक्रम शीर्षक:

श्रीमद्भागवत का जन्म: अध्याय 4, 5, 6 का विश्लेषण

पाठ्यक्रम विवरण:

इस पाठ्यक्रम में श्रीमद्भागवत महापुराण के चौथे, पांचवे, और छठे अध्यायों का गहन अध्ययन किया जाएगा, जिनमें श्रीमद्भागवत के उत्पत्ति की कहानी और उसकी महिमा का वर्णन है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य श्रीमद्भागवत के जन्म के पीछे के धार्मिक और आध्यात्मिक कारणों को समझाना और इन अध्यायों में वर्णित संदेशों का गहन विश्लेषण प्रदान करना है।

पाठ्यक्रम सामग्री:

अध्याय 4: वेदव्यास द्वारा श्रीमद्भागवत की रचना की प्रेरणा और आवश्यकता

अध्याय 5: नारद मुनि का वेदव्यास को उपदेश और श्रीमद्भागवत के महत्व का वर्णन

अध्याय 6: नारद मुनि की कथा और भक्ति मार्ग की महिमा

श्रीमद्भागवत की संरचना: ग्रंथ की विशेषताएँ और इसके विभिन्न खंडों का परिचय

श्रीमद्भागवत का संदेश: धर्म, भक्ति, और ज्ञान के संबंध में ग्रंथ के प्रमुख संदेश

आधुनिक जीवन में श्रीमद्भागवत: इन अध्यायों के संदेशों का आज के संदर्भ में उपयोग

लक्ष्य श्रोता:

धार्मिक अध्ययन और भारतीय दर्शन में रुचि रखने वाले व्यक्ति

विद्यार्थी, शिक्षक, और शोधकर्ता

आध्यात्मिक साधक जो श्रीमद्भागवत का गहन अध्ययन करना चाहते हैं

पाठ्यक्रम की आवश्यकता:

इस पाठ्यक्रम के लिए प्रतिभागियों को भारतीय धार्मिक ग्रंथों और दर्शन की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। श्रीमद्भागवत में रुचि रखने वाले सभी व्यक्ति इस कोर्स में भाग ले सकते हैं।

कोर्स से प्रतिभागियों को क्या मिलेगा?

धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान: श्रीमद्भागवत के जन्म और उसकी महत्ता का गहन ज्ञान।

भक्ति मार्ग की समझ: नारद मुनि की शिक्षाओं के माध्यम से भक्ति के मार्ग की गहरी समझ।

आध्यात्मिक प्रेरणा: श्रीमद्भागवत के संदेशों को अपने जीवन में लागू करने के लिए प्रेरणा।

ध्यान और साधना: आध्यात्मिक अभ्यासों के माध्यम से मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त करने की कला।

क्यों करना चाहिए यह कोर्स?

श्रीमद्भागवत का गहन अध्ययन: ग्रंथ के महत्वपूर्ण अध्यायों और उनकी शिक्षाओं को समझने का अनूठा अवसर।

आध्यात्मिक उन्नति: भक्ति और धर्म के माध्यम से अपने आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ने का मार्गदर्शन।

धर्म का मार्ग: श्रीमद्भागवत के संदेशों को अपने जीवन में लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।

हम इस पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों की कौन-कौन सी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं?

आध्यात्मिक भटकाव: जीवन में सही दिशा और उद्देश्य की खोज में मार्गदर्शन।

धार्मिक संदेह: श्रीमद्भागवत के माध्यम से धर्म और भक्ति से जुड़े संदेहों का समाधान।

मानसिक तनाव: आध्यात्मिक साधनाओं के माध्यम से मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त करने का मार्गदर्शन।

Course Content

Srimad Bhaagavat Ka Janm

Frequently Asked Questions

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