इस्कॉन शिष्य पाठ्यक्रम में आपका स्वागत है । यह पाठ्यक्रम इस्कॉन के बहु-गुरु-प्रणाली के अंतर्गत गुरु-तत्त्व एवं गुरु-पादाश्रय जैसे विषयों में आपकी समझ को और अधिक प्रगाढ़ता से समझने में सहायता करेगा । इसे न केवल नए भक्त, जो दीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हैं, परन्तु इस्कॉन के अन्य वरिष्ठ भक्तों, प्रचारकों एवं परामर्शदाताओं को भी ध्यान में रखकर बनाया गया है । वे सभी इस से अवश्य लाभान्वित होंगे ।

यह पाठ्यक्रम ‘जीबीसी-गुरु सेवा समिति’ के निर्देशन एवं इस्कॉन के अग्रणी शिक्षा-विशारदों के संयुक्त प्रयासों के साथ दो साल की अवधि में विकसित किया गया। इस पाठ्यक्रम को श्रील प्रभुपाद, वर्तमान इस्कॉन आचार-संहिता एवं व्यापक गौड़ीय-वैष्णव परंपरा के संदर्भित लेखन एवं शिक्षाओं पर आधारित किया गया है ।

विधिइस कोर्स को चार इकाइयों में बांटा गया है ।

१. परिचय , सिद्धांत और संदर्भ – अध्याय १-४
२. गुरू के साथ संबंध स्थापित करना – अध्याय ५-७
३. गुरु के साथ आदान-प्रदान – अध्याय ८-११
४. सहयोग से इस सम्बन्ध को निभाना और अंत में सारांश – अध्याय १२-१३

प्रत्येक इकाई में ऑनलाइन वीडियो क्लास और जुडी हुयी पठन सामग्री की एक श्रृंखला है जिसे उम्मीदवार द्वारा अध्ययन किया जाना है।

नामांकन के लिए आवश्यकताएँ:

  • अभ्यर्थीको कम से कम 3 महीने से सोलह माला का जप और चार नियामक सिद्धांतों का पालन करते हुए होना चाहिए।
  • इस्कॉन शिष्य पाठ्यक्रम की डिग्री प्राप्त करने के लिए इस्कॉन बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन के नियमों और विनियमों के अनुसार, आपके पास पाठ्यक्रम में 100% उपस्थिति होनी चाहिए।
  • आपको इस्कॉन प्राधिकरण द्वारा एक अनुरोध पत्र प्रस्तुत करना होगा जो आपको अच्छी तरह से जानता हो, आपके चरित्र, साधना, ब्राह्मणीय प्रवृत्तियों को प्रमाणित करता हो।

नोट: पंजीकरण फॉर्म पूरा करके और सिफारिश पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही आप पंजीकृत माने जायेंगे | (सिफारिश पत्र इ-मैल के माध्यम से iskconbmv@gmail.com पर पंजीकरण फॉर्म और भुगतान के बाद भेजा जा सकता है)

 

कोर्स सुविधा शुल्क: रु 1,000/-

 

संपर्क विवरण :- 

पता: इस्कॉन भागवत महाविद्यालय, 344, श्री राधा गोल्फ, अन्योर, बड़ी परिक्रमा मार्ग, गोवर्धन, जिला - मथुरा, उत्तर प्रदेश 281502

किसी भी प्रश्न के लिए हमें iskconbmv@gmail.com पर लिखे या संपर्क करे - वंशीधारी गौरी देवी दासी - +91 95280 06565

प्रशिक्षक का नाम


यशोदाकीर्ति दासी